एलेक्स एटोन जिसको रोमांच आकर्षित करता था। अपनी जवानी में औरों की तरह उसे भी बाइक की रफ्तार से सड़कों की 1 biodigesterदूरी नापने का ही शौक था। रोमांच की खोज में न्यू हैम्पशायर से अलास्का तक का उसका सफर भी कम साहसिक नहीं रहा। बर्फीले तुफान में कायकिंग और स्कीइंग अभियानों में गाइड की भूमिका निभाना। रोमांच के लिए बर्फीले तुफान में राहत और बचाव कार्य अभियानों के लिए राहत कर्मियों को प्रशिक्षण देना। लेकिन एक दिन उन्हीं अभियानों में अपने एक करीबी दोस्त की मौत ने एलेक्स एटोन की दुनिया ही बदल दी।

अब एलेक्स एटोन मैक्सिको सहित लैटीन अमेरिका के कई इलाकों में छोटे और मुर्झाए से रहने वाले सीमांत किसानों के मन में उम्मीद का नया दीया रौशन कर रहे हैं। एटन ने किस तरह मैक्सिको और लैटीन अमेरिकी देशों में अपनी गरीबी से लड़ते छोटे किसानों के जीवन में उम्मीद की किरणें बिखेरी हैं, ये जानना भी कम रोमांचकारी नहीं है। अपनी गरीबी के दुष्चक्र से लड़ते, थकते और आधिकांश बार हारते सीमांत किसानों के लिए एटन ने कूड़े से करिश्मा किया और उनके जीवन में भी बदलाव की रौशन बयार बह सकेगी इसकी उम्मीद एक बार फिर से तरो ताजा कर दी।

3 biodigesterजैविक कचरे का प्रबंधन मध्य अमेरिका और मैक्सिको के ग्रामीण इलाकों की स्थायी समस्या रही है। सुरक्षित और स्थायी तरीके से जैविक कृषि अपशिष्ट को समाप्त करने के बजाय, छोटे या सीमांत किसान अक्सर मवेशी बाड़े में ही छोड़ देते हैं या अपने घर के आस पास के स्थानों में एक साल तक के लिए रख देते हैं ताकि ये अपशिष्ट विघटित होकर जैविक खाद या हरीखाद तब्दील हो सके। निसंदेह ये तरीका उस पूरे परिवेश में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक तो था ही। ये अपशिष्ट जमीन में रिस कर आखिर उनके जलाशयों में पीने का पानी दूषित करते रहे। इन सबके अलावा उन छोटे या सीमांत किसानों को इस बात की जानकारी ही नहीं है कि उनका ये जैविक अपशिष्ट / कचरे में नवीनकरणीय ऊर्जा संसाधन में तब्दील होने की संभावना है। जबकि दुनिया के कई हिस्सों में “कचरे से संसाधन” का प्रभावी चलन मौजुद है। लैटिन अमेरिका में ही ये प्रचलन बहुत कम या ना के बराबर है। उपर से इन समुदायों में भी एक स्वस्थ्य और उत्पादक तरीके से कचरे का पुनर्उपयोग करने के लिए पर्याप्त सफाई व्यवस्था की कमी है।

2 biodigesterमजेदार बात ये है कि पहले से ही उनके पास मौजुद टिकाऊ नवीनकरणीय ऊर्जा संसाधनों से फायदा उठाने की बजाए अधिकांश छोटे या सीमांत किसान उत्पादन में वृद्धि के लिए नुकसानदायक रासायनिक उर्वरकों पर ही निर्भर रहते हैं। अतीत में कई सरकारी और गैर सरकारी प्रयासों से लैटिन अमेरिका के कई देशों में बॉयोडायजेस्टर्स (अपशिष्ट पुनर्उपयोग प्रणाली) स्थापित करने जैसे कई प्रयोग किए किए लेकिन इनमें से किसी भी कोशिश को छोटे या सीमांत किसानो के जीवन में प्रभावी बदलाव कर पाने में सफलता नहीं मिली। इन इलाकों की इन्हीं परिस्थितियों को विस्तार से समझने के बाद एलेक्स एटोन ने इनके लिए रास्ता निकाला।

वित्त उपलब्ध कराने, प्रणाली लगाने, उसका प्रशिक्षण और उपयुक्त बॉयोडायजेस्टर सिस्टम के साथ लंबे अवधि तक मिलकर काम करने सहित व्यापक और बहुस्तरीय प्रक्रिया के साथ ग्रामीण किसानों को जोड़ कर एलेक्स मैक्सिको और मध्य अमेरिका में संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन की नई संस्कृति विकसित कर रहे हैं।

biodigestersअपनी धून के पक्के एलेक्स मानते हैं कि ग्रामीण किसानों की ऊर्जा साधनों के उपयोग के तरीकों में और अपनी परिस्थिति को लेकर उनकी अपनी धारणा में परिवर्तन लाना जरूरी है। एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कुछ इलाके बायोगैस तकनीक के जरिए नवीनकरणीय ऊर्जा उत्पादन प्रणाली से वाकिफ तो हैं लेकिन उनके प्रयास स्थायी नहीं हैं और न ही पूरे परिवेश में या स्थानीय संस्कृति में बदलाव के वाहक बन पाए हैं। इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए एलेक्स ने नई, उच्च गुणवत्तपूर्ण और खासतौर पर छोटे या सीमांत किसानों की जरूरत के मुताबिक कम लागत की बॉयोडाएजेस्टर का निर्माण किया है।

आराम से इस्तेमाल की जा सकने वाली तकनीक के मदद से किसान पशु जनित कचरों को जिन्हें आम तौर पर वो अपने खेतों में फेंक आते थे, को एक गंधरहित गैस में तब्दील कर सकते हैं जिसका उपयोग खाना बनाने में या पानी गरम करने में किया जा सकता है, या इन कचरों को अपने फसल के उत्पादन को बढ़ाने के लिए हरीखाद/जैविकखाद में तब्दील कर सकते हैं।

इलाके में इससे जुड़ी पहले के कार्यक्रमों की विफलता को देखते हुए एलेक्स ने बड़ी चतुराई से सिस्तेमा बायोबोल्सा मॉडल का खाका तैयार किया। कार्यक्रम की दीर्घावधि स्वरूप को देखते हुए मॉडल को वित्तीय कठिनाइयों का सामना न करना पड़े इसके लिए एलेक्स ने इंटरनेशनल रिनवेवुल रिसोर्स इंस्टीच्युट ( आईआरआरआई ) से समर्थन हासिल किया। न केवल दीर्घावधि वित्तीय जरूरतों का ख्याल रखा एलेक्स ने बल्कि लंबे समय तक एक समुदाय के साथ मिलकर काम करने के दौरान जरूरी अनुसंधान के लिए विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर काम करने की भी व्यवस्था की।

बायोडायजेस्टर (अपशिष्ट पुनर्उपयोग प्रणाली) सिस्तेमा बायोबोल्सा का एक महत्वपूर्ण अन्वेषण है जिसे बड़े कृषि उद्यमियों के लिए उपयोगी व्यापक तकनीक की मदद से छोटे किसानों की जरूरतों के मद्देनज़र तैयार किया गया था। उपयोगकर्ताओं के फीडबैक के मद्देनज़र ऐसा बायोडायजेस्टर जो लगाने में आसान हो और लंबे समय तक के लिए उपयोगी हो, उसके वर्तमान स्वरूप को तैयार करने में एलेक्स और उनके सहयोगियों को पांच साल का लंबा वक्त लगा।

क्या है बायोबोल्सा बायोडायेजेस्टर

बायोबोल्सा मजबूत सिंथेटिक प्लास्टिक से बना एक बड़ा थैला होता है जिसकी लंबाई तकरीबन 15 फीट होती है। इसको किसान के घर के बाहर एक बड़े से गड्डे में रखा जाता है। इस थैले में इंसानों या जानवरों के अपशिष्ट को पानी में मिला कर डाल दिया जाता है। ये बैग अपने अंदर पूरी तरह से वातनिरपेक्ष वातावरण तैयार करता है ताकि बैक्टीरिया को अच्छी तरह से पनपने और अपशिष्ट को बायोगैस और जैविक खाद में बदलने की परिस्थिति मिल सके। एक ट्यूब की मदद से जुड़े दूसरे बैग में बायोगैस इकठ्ठा होता है और उस बैग से एक दूसरे ट्यूब की मदद से ये उपयोग के लिए रसोईघर या गुसलखाने तक जाता है। एक अन्य ट्यूब की मदद से तरल जैविक खाद / हरीखाद बायोबोल्सा से बाहर निकल कर एक अन्य टैंक में इकठ्ठा होता है।

प्रतिदिन दो गाय या छह सूअर जितने अपशिष्ट निकालते हैं उससे इस प्रणाली के जरिए एक क्यूबिक मीटर बायोगैस का निर्माण किया जा सकता है जो कि 2.2 किलोवाट बिजली के बराबर है। बायोबोल्सा बायोगैस और जैविक उर्वरक को प्रतिदिन के हिसाब से तैयार करता है।

हालांकि शुरूआत में किसान इसकी संयंत्र की क्षमता और उपयोगिता को लेकर सशंकित थे। उन्हें ये विश्वास ही नहीं था कि जैविक कचरे और पानी से भरे थैले के जरिए रसोईघर में उपयोग किए जाने के लिए बायोगैस और खेतों में इस्तेमाल करने के लिए या अतिरिक्त उत्पादन के जरिए बेचने लायक तक जैविक उर्वरक/हरीखाद तैयार किया जा सकता है।

किसानों के इस संशय के मद्देनज़र उनका भरोसा जीतने के लिए एलेक्स ने बड़ी ही सूक्ष्म रणनीति तैयार की। अपनी टीम के तकनीशियनों के रूप में उसने ऐसे लोगों को चुना जो ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते थे और जिसमें से अधिकांश महिलाएं थी, समुदाय के लोगों को जगह जगह पर इकठ्ठा करके संयंत्र के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती थी, परिवारों को आमंत्रित करके संयंत्र का प्रायोगिक प्रदर्शन किया जाता था। उनको ये समझाया जाता था कि बायोडायजेस्टर उनके काम को आसान बनाएगा, ऊर्जा खपत में कमी करके उत्पादन में वृद्धि करेगा। किसानों के साथ शुरूआती बैठकों और सिस्टेमा बायोबोल्सा के प्रचार के लिए एलेक्स को स्थानीय एवं राज्य सरकारों, कृषि सहकारी संस्थाओं और स्थानीय कंपनियों का सहयोग प्राप्त था।

इच्क्षुक परिवारों को चिन्हित किए जाने के बाद एलेक्स और उनके तकनीशियन उन्हें अपने बायोडायजेस्टर के इस्तेमाल का प्रशिक्षण देते हैं। किसानों के साथ निजी संबंध के विकास पर जोर दिया जाना इसकी खासियत रही है।

लंबी अवधि में बायोडायजेस्टर उत्पाद परिवारों के लिए बचत का ठीक ठाक साधन साबित होता है क्योंकि उनको न तो पारंपरिक गैस के लिए और न ही रासायनिक उर्वरकों के लिए खर्च करना पड़ता है। हालांकि बायोडाएजेस्टर की शुरूआती खरीद की कीमत ज्यादा, 800 से 1000 डॉलर के बीच है लेकिन एलेक्स खरीददारों को आरंभिक निवेश के लिए अपने साथ की चार साझेदार कंपनियों में से किसी एक से 0 प्रतिशत ब्याज पर सूक्ष्म ऋण की गारंटी प्रदान करता है जिससे उपयोगकर्ताओं को लंबी अवधि में लाभ प्राप्त होता है। मैक्सिको की संघीय कृषि विकास बैंक (एफआईआरए) भी ऋणों पर अस्सी फ़ीसदी तक की गारंटी प्रदान करता है। ऋण की देनदारी चुकाने के लिए साधारण योजना के तहत नियमित भुगतान सुनिश्चित की जाती है जिसमें संयंत्र की निगरानी गतिविधियों के दौरान उपयोगकर्ताओं से एकत्रित कर लिया जाता है। मासिक देनदारी इस तरह से तय किया जाता है जिससे कि ऋण भुगतान की देनदारी संयंत्र से हुए बचत से कम हो ताकि शुरूआत के भी कुछ महीनों में किसानों को संयंत्र से शुद्ध लाभ हो सके। एलेक्स ने हिसाब लगाकर बताया कि बायोडायजेस्टर के जैविक उत्पाद आठ से अठ्ठारह महीनों में संयंत्र की कुल लागत वापस कर देता है।

एलेक्स मॉडल के अन्य घटक के रूप उपयोगकर्ताओं को कंपनी के साथ जोड़ना भी शामिल है जिसके लिए पर्याप्त वित्तपोषण की जरूरत होती है। एलेक्स अंतर्राष्ट्रीय स्वैच्छिक कार्बन बाज़ार में कार्बन क्रेडिट की बिक्री के माध्यम से सिस्टेमा बायोबोल्सा के रखरखाव और अन्य अनुवर्ती कार्यक्रमों के लिए वित्त जुटाता है। अपने दौरे के वक्त, उनके तकनीशियन हर घर में बायोगैस के उपयोग की वजह से पारंपरिक गैस के माध्यम से हासिल कार्बन उत्सर्जन के शुद्ध विस्थापन की गणना करते हैं। इस आंकड़े को कार्बन उत्सर्जन के लिए काम करने वाली एक अंतर्राष्ट्रीय वेंडर माइक्रोएनर्जी क्रेडिट के साथ पंजीकृत किया जाता है जिससे सिस्टेमा बायोबोल्सा जैसी छोटे और टिकाऊ पहल का प्रभाव बढ़ता है। इन क्रेडिट्स को फिर एक खरीददार इकोसिक्योरिटीज को बेचा जाता है जिससे होने वाली आय को संगठन के अन्य कामों मसलन बायोडायजेस्टर से जुड़े उपयोगकर्ताओं के संदर्भ में इस्तेमाल किया जाता है।

ये बायोबोल्सा प्रणाली अगले एक साल के भीतर व्यापक पैमाने पर शुरू करने से पहले फिलहाल पायलट स्तर पर है ताकि संयंत्र से जुड़े विभिन्न घटकों का परीक्षण किया जा सके और जहां थोड़ा बहुत परिवर्तन करने की गुजांइश उभरती है वहां उस तरह का परिवर्तन किया जा सके।

पिछले दो सालों में एलेक्स ने मैक्सिको के दस विभिन्न राज्यों में 100 बायोडायजेस्टर स्थापित किए हैं। इनमें से प्रत्येक उन राज्यों के जिलों में अपने प्रसार को बढ़ाने के लिए एक आधारभुत और प्रोटोटाइप संयंत्र के रूप में हैं। इसके अलावा एलेक्स ने निकरागुआ, होंडुरास और कोस्टारिका में भी कुछ छोटे पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए हैं।

एलेक्स 2016 तक प्रतिवर्ष 10,000 संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं।  इस स्तर का प्रभाव हासिल करने के लिए एलेक्स दो स्तरीय रणनीति पर काम कर रहे हैं। पहला, जिन इलाकों में वो सक्रिय हैं वहां बायोडायजेस्टर प्रणाली स्थापित करने में सहायता के लिए सरकारी और ग्रामीण कंपनियों के साथ साझेदारी की है। दूसरा उन्होंने प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करने का मॉडल तैयार किया है जिसकी मदद से ग्रामीण किसानों को अपने मॉडल के प्रसारक दूत के तौर पर वो तैयार करते हैं जिससे उन्हें सिस्तेमा बायोबोल्सा का प्रभाव क्षेत्र बढ़ाने में मदद मिलती है। इन प्रसारक दूतों को मिलाकर एक स्थानीय कॉपरेटिव्स गठित किया जाता है जो अपने पड़ोसी समुदायों में बायोडाएजेस्टर का प्रचार करते हैं, बायोडाएजेस्टर प्रणाली को लगाते हैं। इससे किसानों के लिए अतिरिक्त आय का साधन भी तैयार होता है।

पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद से पर्यावरण पर कर रहे रिपोर्टिंग के दौरान एलेक्स के मन में ये विचार आया कि बदलाव की सूचना देने से बेहतर खुद बदलाव का बाहक बनना है। यहीं से संभवत उनके भविष्य की योजना की नींव पड़ी। एलेक्स ने मैक्सिकों में एक कार्यकारी समूह को तैयार करते हुए और लैटिन अमेरिका में बायोडायेजस्टर नेटवर्क की स्थापना करते हुए सबसे पहले एक शैक्षिक पहल मैक्सिको बायोगैस कार्यक्रम का निर्माण किया। वो जल्द ही बायोगैस कार्यक्रमों पर जाने माने विशेषज्ञ बन गए और इंटरनेशल रिय्नुवल रिसोर्स इंस्टीच्युट की स्थापना की, जिसके वो कार्यकारी निदेशक थे।

इसी इंस्टीच्युट से सिस्तेमा बायोबोल्सा की नींव पड़ी जिसका बिजनेस प्लान एलेक्स ने 2009 में तैयार किया था। नीदरलैंड स्थित बीआईडी से बीजनेस प्लास के लिए ग्लोबल सोशल इंटरप्रोनोस पुरस्कार जीतने के बाद उस पुरस्कार राशि से एलेक्स ने टीम संगठित कर इस परियोजना की शुरूआत की।

एलेक्स का मानना है कि किसी भी अन्य चीज की तुलना में उन्हें मैक्सिको के ग्रामीण इलाकों में किसानों के साथ मिलकर सीधे काम करना अधिक पसंद है। मैक्सिको या लैटीन अमेरिकी देशों में इस तरह के पूर्व के कार्यक्रमों की असफलता से प्रेरणा और सीख पाकर शायद एलेक्स एटोन ने नई रणनीति के साथ अपने सोच को आगे बढ़ाया। उपयोगकर्ताओं को ही अपना प्रसारक दूत बनाते हुए कचरे से छोटे किसानों का घर रौशन करने की योजना को अब बड़े पैमाने पर शुरू करने के वो बहुत करीब पहुंचते दिख रहे हैं।

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